आया आया सीजन आम का
आम हो या निजाम, सब खाएंगे आम
आम दिन या खास दिन
चाहे कितनी भी हो आमदनी
खाएंगे सभी आम हर दिन
आम शब्दों से चारोळी बनी
बनाते बनाते बहुतही बन गई फनी ॥१॥
चखते ही इसका स्वाद,
हर कोई बन जाता है खास
फलों का राजा है यह,
सबको दिलाता है अपनापन का एहसास
गर्मी की दोपहर में जब मिल जाए ठंडा-ठंडा आम
सब भूल जाते हैं काम,
फरमाते हैं आराम ॥२॥
आराम .. आ राम, आ राम करते बुलाते
राम को भी देते आम
राम नाम देता सुकून..
सुकून से मिलता आराम
चाहे कितना भी हो काम ॥३॥
आम आम की खास खासियत
जानिए खा के आम,
बदल जाएगी नीयत ॥४॥
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