Tuesday, April 21, 2026

आशिक आवारा

खोला मैंने सपनों का पिटारा,

सपने में चला रहा था खटारा।

मान गई तुम, करने मेरे साथ उसकी सवारी,

खटारा लगा उड़ने, बन गया वो सुनहरा।

आँख खुलते ही तुम्हें दिल से पुकारा,

जानेमन तेरे बिना अब जिंदगी है बहुत ही आवारा,

तेरी राह देख देख के करूँ और कितनी शायरी।

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